भारत ही नहीं वरन विश्व साहित्य में मुँशी प्रेमचंद जी का एक अलग स्थान है, और बना रहेगा | शायद ही कोई ऐसा साहित्य प्रेमी होगा, जिसने मुँशी प्रेमचंद जी को न पढ़ा हो | शायद अब उनके बारे में कुछ और कहने को बचा ही नहीं है| वो एक महान साहित्यकार ही नहीं, एक महान दार्शनिक भी थे | मेरी तरफ से उस महान कलम के सिपाही को एक श्रद्धांजलि के रूप में समर्पित यह ब्लॉग, जिसमे मैं उनके अमूल्य साहित्य में से उनके कुछ महान विचार प्रस्तुत करूँगा........
जून 09, 2011
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सच... जीवन की हर तरह की उन्नति में पत्नी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है.....
जवाब देंहटाएंसत्य वचन और इसी तरह अच्छा पति भी आत्मोन्नति में सहायक हो सकता है.
जवाब देंहटाएंrealy ...100%
जवाब देंहटाएंbilkul such kaha apne...
जवाब देंहटाएंसत्य वचन...
जवाब देंहटाएंलेकिन mutual understanding जरूरी है...!
***punam***
bas yun...hi..
१००% सच
जवाब देंहटाएं- विवेक जैन vivj2000.blogspot.com
अच्छी कहानी है...
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